सावन की महक
बदली आई
रिमझिम के संग ,
मेघ गरजे
बिजली के संग ,
आम की डारी झूमे
बौरो के संग ,
गेहू की बाली झूमे
हरियाली के संग ,
बरखा आयी है
प्रियतम के संग,
प्रिय गए थे परदेश
चुनरी आयी है उनके संग../
रिमझिम के संग ,
मेघ गरजे
बिजली के संग ,
आम की डारी झूमे
बौरो के संग ,
गेहू की बाली झूमे
हरियाली के संग ,
बरखा आयी है
प्रियतम के संग,
प्रिय गए थे परदेश
चुनरी आयी है उनके संग../
aapki rachna bahut achhi hai...kash! yaha patna mein bhi sawan dikhta...yaha abhitak log aakash taak rahe hai....Khair vinita ji! very nice blog
जवाब देंहटाएंbahut achha laga yaha aakar