कमिटमेंट जीवन के साथ

अक्सर सुना है लोग बदल जाते है, वक्त के साथ, मुझे भी यही लगता था की लोग बदल जाते है.. पर जैसे-जैसे जिंदगी को जी रही हू, वैसे वैसे लग रहा है लोग नहीं बल्कि जिंदगी नया रूप देती है, नया नजरिया देती है, जीने के लिए, लोगो को जानने के लिए! इसलिए लोग बदले नजर आते है! लोग पहले से ही ऐसे ही थे और है ! बस आपका परिचय अभी हुआ है! हा इसी से जिंदगी का नयापन हमेशा बना रहता है. हर मोड़ पे एक नया रूप. नयी पहचान खुद की और लोगो की. इधर बिच कुछ नए रूप से पहचान हुई, हा ये परिचय मेरे जीवन में पहला परिचय था.. पर ये बहुत ही खुबसूरत परिचय है. जिंदगी से कमिटमेंट हो रहा है ... इसके बाद सब बदल गया क्यों की कमिटमेंट जो बदल गयी थी.. (पहले कमिटमेंट लोगो से थी अब लाइफ से है .. जिंदगी के हर पह्लू से है ...इसे इसके उदेश्य को जानना है और इसको पाना है) एक मजे की बात जब से मुझे जिं...